हिंदी उर्दू पी डी एफ़ फ़ाईलस

उर्दू किताब को क्यूँ हिंदी रस्म-उल-ख़त में शाए किया जाए? चूँकि लातादाद क़ारी ज़्यादा रवानगी से हिंदी पढ़ सकते हैं इस लिए उर्दू जियो वर्झ़न देवनागरी में भी शाए हुआ है।

किताब-ए मुक़द्दस

तौरेत

तारीख़ी स़हाइफ़

सहाइफ़-ए हिकमत और ज़बूर

सहाइफ़-ए अन्बिया

इंजील-ए मुक़द्दस

Last updated November 30, 2018